बैरिकेड्स तोड़ मंत्री कार्यालय पहुंचे कांग्रेस कार्यकर्ता, आरंग में गरमाई सियासत

आरंग : छत्तीसगढ़ में सत्ता परिवर्तन के बाद विपक्षी दल कांग्रेस अब पूरी तरह से ‘एक्शन मोड’ में आ गई है। आरंग विधानसभा क्षेत्र में जनहित के मुद्दों और प्रशासन की कथित निष्क्रियता के खिलाफ पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया के नेतृत्व में कांग्रेस ने अपनी शक्ति का अभूतपूर्व प्रदर्शन किया। भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों के बावजूद हजारों की संख्या में उमड़े जनसैलाब, विशेषकर महिलाओं की रिकॉर्ड भागीदारी ने सत्ताधारी दल और स्थानीय प्रशासन की नींद उड़ा दी है।आंदोलन का आगाज आरंग के मुख्य बस स्टैंड पर आयोजित एक विशाल जनसभा से हुआ। सभा को संबोधित करते हुए नेताओं ने भाजपा सरकार पर वादाखिलाफी और विकास कार्यों को ठप करने का आरोप लगाया।डॉ. शिवकुमार डहरिया ने अपने संबोधन में तीखे प्रहार करते हुए कहा:”यह केवल एक प्रदर्शन नहीं, बल्कि भाजपा के कुशासन के अंत की शुरुआत है। आरंग की पावन धरा पर माफिया राज और अवैध वसूली को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन कान खोलकर सुन ले, यदि जनता की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो कांग्रेस ईंट से ईंट बजा देगी।”

बैरिकेड्स लांघ मंत्री कार्यालय तक पहुंचे कार्यकर्ता

सभा के पश्चात जब विशाल रैली नेताजी चौक स्थित कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब के कार्यालय की ओर बढ़ी, तो नजारा देखने लायक था। पुलिस प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए भारी घेराबंदी की थी और मजबूत बैरिकेड्स लगाए थे। लेकिन आक्रोशित कार्यकर्ताओं के सामने पुलिस के इंतजाम बौने साबित हुए।नारेबाजी करते हुए कांग्रेस कार्यकर्ता पुलिस घेरे को तोड़ते हुए मंत्री कार्यालय के मुख्य द्वार तक जा पहुंचे। इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी झड़प और झूमाझपटी भी हुई। वातावरण ‘कांग्रेस पार्टी जिंदाबाद’ और ‘प्रदेश सरकार होश में आओ’ के नारों से गूंज उठा।

जनता के वो मुद्दे जिन्हें लेकर सड़कों पर उतरी कांग्रेस

कांग्रेस ने अनुविभागीय अधिकारी (SDM) के माध्यम से राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। इन 12 मांगों में क्षेत्र की ज्वलंत समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया है:

खनिज संपदा की लूट: महानदी में मशीनों के जरिए 24 घंटे हो रहे अवैध रेत उत्खनन पर तत्काल रोक और माफियाओं पर एफआईआर की मांग।

भू-माफियाओं पर प्रहार: आरंग नगर पालिका क्षेत्र में धड़ल्ले से हो रही अवैध प्लाटिंग की जांच और इसमें संलिप्त अधिकारियों पर कार्रवाई।

अन्नदाता की उपेक्षा: खेती का सीजन शुरू होते ही खाद-बीज की किल्लत दूर करने और सोसायटियों में पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित करने की मांग।

गैस एजेंसी की मनमानी: गिरजा इंडेन गैस एजेंसी द्वारा होम डिलीवरी बंद करने और सिलेंडर की कालाबाजारी पर अंकुश लगाने की चेतावनी।

सांस्कृतिक धरोहर का संरक्षण: राजश्री सद्भावना समिति के सामुदायिक भवन का राजनीतिक दुरुपयोग रोकने की मांग।
अघोषित कटौती से त्रस्त जनता: भीषण गर्मी में बिजली की बार-बार कटौती को बंद कर निर्बाध आपूर्ति की व्यवस्था।
नशाखोरी के खिलाफ जंग: गली-मोहल्लों में अवैध शराब बेचने वाले कोचियों पर पुलिस की सख्ती।

शिक्षा व्यवस्था में सुधार: स्वामी आत्मानंद स्कूलों में फंड की कमी दूर करने और गिरते शैक्षणिक स्तर को संभालने की मांग।
बस स्टैंड विवाद: पुराने बस स्टैंड पर पूर्ववर्ती सरकार द्वारा स्वीकृत निर्माण कार्यों को तत्काल पूर्ण करने और ठेकेदार की जवाबदेही तय करने की मांग।

प्रशासनिक उपेक्षा: मंदिर हसौद में तैयार नए तहसील भवन का तत्काल लोकार्पण कर उसे जनता को समर्पित करना।
ठप पड़ा विकास: चंदखुरी, समोदा और मंदिर हसौद सहित ग्रामीण अंचलों में रुके हुए विकास कार्यों को दोबारा शुरू करने की मांग।
भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन: सरकारी दफ्तरों में व्याप्त ‘कमीशनखोरी’ और छोटे व्यापारियों से होने वाली अवैध वसूली पर पूर्ण विराम।

एकजुटता का संदेश और भविष्य की रणनीति

इस प्रदर्शन में जिला अध्यक्ष राजेंद्र पप्पू बंजारे,ब्लॉक अध्यक्ष कोमल साहू सहित कांग्रेस पार्षद गण और ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के तमाम पदाधिकारी शामिल हुए। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस प्रदर्शन के जरिए डॉ. शिवकुमार डहरिया ने न केवल अपनी संगठनात्मक क्षमता दिखाई है, बल्कि यह भी स्पष्ट कर दिया है कि आरंग में कांग्रेस एकजुट है।

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