एएम/एनएस इंडिया की पहल से दंतेवाड़ा और सुकमा के दूरस्थ आदिवासी अंचलों में शिक्षा,स्वास्थ्य और अवसरों की नई रोशनी

किरन्दुल : बस्तर अंचल के दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले समुदायों के समग्र विकास को केंद्र में रखते हुए आर्सेलरमित्तल निप्पॉन स्टील इंडिया (एएम/एनएस इंडिया) किरंदुल ने अपने कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व कार्यक्रमों के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता और खेल के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण पहलें शुरू की हैं।इन पहलों का उद्देश्य केवल बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि स्थानीय समुदायों, विशेषकर बच्चों और युवाओं के लिए अवसरों के नए द्वार खोलना और उन्हें आत्मनिर्भर एवं सशक्त भविष्य की ओर अग्रसर करना है।

एएम/एनएस इंडिया की विभिन्न सामाजिक पहलें दंतेवाड़ा और सुकमा जिले के दूरस्थ आदिवासी गांवों तक पहुंच रही हैं, जहां शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार, स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने और युवाओं को खेल तथा नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है। कंपनी का मानना हैं कि सतत विकास तभी संभव है जब उद्योग और समाज साथ-साथ आगे बढ़ें, और इसी सोच के साथ एएम/एनएस इंडिया बस्तर अंचल में विकास की एक सकारात्मक और प्रेरणादायी यात्रा को आगे बढ़ा रही हैं।
शिक्षा और नवाचार को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से एएम/एनएस इंडिया ने अपने प्रमुख शिक्षा अभियान “पढ़ेगा भारत” के तहत राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर जिला शिक्षा विभाग के सहयोग से दंतेवाड़ा के स्थानीय इंडोर स्टेडियम में एक भव्य जिला स्तरीय विज्ञान मॉडल प्रदर्शनी एवं प्रतियोगिता का आयोजन किया।इस कार्यक्रम का उद्घाटन दंतेवाड़ा के विधायक चैतराम अटामी,जिला पंचायत अध्यक्ष नंदलाल मुड़ामी,जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जयंत नाहटा (आईएएस) तथा अन्य जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की उपस्थिति में किया।

इस जिला स्तरीय प्रतियोगिता में कुआकोंडा, कटेकल्याण, गीदम और दंतेवाड़ा ब्लॉक के कुल 86 सरकारी और निजी स्कूलों के लगभग 600 छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतियोगिता में कुल 123 विज्ञान मॉडलों का प्रदर्शन किया गया, जिनमें छात्रों ने अंतरिक्ष विज्ञान, जैविक खेती, उन्नत मत्स्य पालन, जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण जैसे विषयों पर अपने अभिनव विचार प्रस्तुत किए। इन मॉडलों ने यह साबित किया कि दूरस्थ क्षेत्रों में पढ़ने वाले बच्चे भी अवसर मिलने पर विज्ञान और नवाचार के क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन कर सकते हैं।विज्ञान प्रदर्शनी के साथ-साथ आयोजित विज्ञान प्रश्नोत्तरी, कविता पाठ और विज्ञान नाट्य प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को और भी रोचक एवं प्रेरणादायी बना दिया। इन गतिविधियों के माध्यम से छात्रों के आत्मविश्वास में उल्लेखनीय वृद्धि हुई और उनमें वैज्ञानिक सोच तथा रचनात्मकता को प्रोत्साहन मिला। कार्यक्रम ने स्थानीय विद्यार्थियों के लिए एक ऐसा मंच प्रदान किया, जहां वे अपनी कल्पनाशीलता और जिज्ञासा को खुले रूप में प्रस्तुत कर सके।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button