स्वामी आत्मानंद स्कूल गरियाबंद में छात्रों का उग्र प्रदर्शन, प्राचार्य के खिलाफ ज्ञापन के बाद बहाली आदेश निरस्त

 गरियाबंद : जिला मुख्यालय स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी माध्यम विद्यालय गरियाबंद में सोमवार को उस समय तनावपूर्ण स्थिति निर्मित हो गई, जब सैकड़ों की संख्या में छात्रों ने विद्यालय की प्राचार्य के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हुए स्कूल परिसर से कलेक्ट्रेट तक मार्च निकालने का प्रयास किया। छात्र हाथों में नारे लिखी तख्तियां लिए प्राचार्य के व्यवहार एवं कार्यप्रणाली के विरोध में नारेबाजी कर रहे थे और जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपने की बात कह रहे थे।छात्रों का आरोप है कि प्राचार्य द्वारा छात्रों की समस्याओं को न तो गंभीरता से सुना जा रहा है और न ही समाधान किया जा रहा है। उनका कहना है कि प्राचार्य का व्यवहार छात्रों के प्रति उपेक्षापूर्ण है, जिससे शैक्षणिक वातावरण प्रभावित हो रहा है। इसी असंतोष के चलते छात्रों ने एकजुट होकर प्रदर्शन का रास्ता अपनाया।

प्रदर्शन के दौरान कुछ समय के लिए विद्यालय एवं आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी और शिक्षा विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और छात्रों को समझाइश देकर शांत कराया। अधिकारियों ने छात्रों को उनकी शिकायतों की जांच और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद स्थिति सामान्य हुई।गौरतलब है कि संबंधित प्राचार्य श्रीमती वंदना पाण्डेय पूर्व में निलंबित थीं, जिन्हें हाल ही में जिला शिक्षा अधिकारी गरियाबंद द्वारा निलंबन से बहाल करते हुए स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी माध्यम विद्यालय गरियाबंद में प्राचार्य के रिक्त पद पर अस्थायी रूप से पदस्थ किया गया था।

हालांकि, छात्रों के विरोध प्रदर्शन और उत्पन्न परिस्थितियों के मद्देनज़र जिला शिक्षा अधिकारी गरियाबंद द्वारा 09 फरवरी 2026 को एक नया कार्यालयीन आदेश जारी करते हुए पूर्व में जारी बहाली एवं पदस्थापना आदेश को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि श्रीमती वंदना पाण्डेय की उक्त पदस्थापना को आगामी आदेश तक के लिए निरस्त किया जाता है।
इस आदेश की प्रतिलिपि सचिव स्कूल शिक्षा विभाग छत्तीसगढ़ शासन, लोक शिक्षण संचालनालय, कलेक्टर गरियाबंद, संयुक्त संचालक शिक्षा संभाग रायपुर सहित संबंधित अधिकारियों को सूचनार्थ प्रेषित की गई है।फिलहाल शिक्षा विभाग द्वारा पूरे मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की बात कही जा रही है। प्रशासन का कहना है कि छात्रों के हित और विद्यालय के शैक्षणिक वातावरण को प्राथमिकता में रखते हुए आगे का निर्णय लिया जाएगा।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button